- कार्तिक आर्यन ने महाकाल मंदिर में किए दर्शन, शयन आरती में हुए शामिल; ओडिशा के मंत्री ने भी भस्म आरती में लिया आशीर्वाद
- उज्जैन फ्रीगंज में ड्राई फ्रूट्स दुकान में भीषण आग: तीन दमकलों की मदद से बुझाई गई, शॉर्ट सर्किट की आशंका
- श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग भस्म आरती शृंगार दर्शन 21-07-2026
- नशामुक्ति अभियान को मिला जनसमर्थन, 1200 विद्यार्थियों ने रैली निकालकर दिया जागरूकता का संदेश
- उज्जैन नगर निगम में 57 कर्मचारियों को मिली पदोन्नति, आयुक्त अभिलाष मिश्रा ने जारी किए आदेश; सिंहस्थ-2028 से पहले प्रशासनिक व्यवस्था को मिलेगी मजबूती
सपाक्स के राधेश्याम मिश्रा को भारी पड़ रहे अपने ही कारनामे…
उज्जैन। विवि में पदस्थ पं. राधेश्याम मिश्रा को सपाक्स पार्टी ने उज्जैन दक्षिण से प्रत्याशी बनाया है। जिसके चलते पं. मिश्रा को नौकरी से इस्तीफा देना पड़ा। मिश्रा को लेकर शहर में कई तरह की चर्चाएं चल रही है। विक्रम विश्वविद्यालय में नौकरी किस प्रकार से हासिल की यह भी जगजाहिर है। कोठी रोड स्थित तरणताल परिसर में नगर निगम द्वारा निर्मित भवन की दूसरी मंजिल पर योग गुरु पं. राधेश्याम मिश्रा ने अवैधानिक रूप से कब्जा कर रखा है। जबकि तीन वर्ष की अवधि के लिए दूसरी मंजिल पर बने कमरों को दिया गया था जो कि पूरी हो चुकी है।
बताया जाता है कि चार वर्ष पहले एक राष्ट्रीय अखबार के तत्कालीन स्थानीय संपादक के प्रभाव के कारण नगर निगम द्वारा पं. राधेश्याम मिश्रा को योग कक्षा संचालित करने के लिए तरणताल परिसर में बने भवन के दूसरी मंजिल के कमरों को तीन वर्ष के लिए दिया गया था लेकिन अवधि पूर्ण होने के बाद भी पं. मिश्रा ने कमरों को खाली नहीं किया है। चर्चा इस बात की है कि योग गुरु विदेशों में योग कक्षाएं संचालित करते हैं। ऐसे में मतदाता उन्हें चुनाव में जितवा देते हैं तो वह मतदाताओं की सेवा कैसे करेंगे। कुल मिलाकर मिश्रा की गतिविधियां ही उन्हें चुनाव में नहीं जीतने देगी और उनके कारनामे खुद पर भारी पड़ रहे हैं।